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बीजेपी के कर्नाटक उपचुनाव जीतने से लेकर, कांग्रेस का इस्तीफा, जानिए 10 पॉइंट्स

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बीजेपी के कर्नाटक उपचुनाव जीतने से लेकर, कांग्रेस का इस्तीफा, जानिए 10 पॉइंट्स

बीजेपी ने सोमवार को कर्नाटक विधानसभा उपचुनाव में 15 सीटों में से 12 सीटों पर जीत हासिल कर ली है. जिसके बाद कांग्रेस पार्टी जो खुद को महाराष्ट्र में सरकार बनाने के बाद खुद को वापस समझ रहे थे उनको बहुत बड़ा झटका लगा है ।

आपको बता दे मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को पुरानी सरकार – पूर्ववर्ती कांग्रेस-जनता दल-सेक्युलर गठबंधन को स्पस्ट बहुतमत के लिए केवल सात सीटों की आवश्यकता थी, लेकिन कांग्रेस और जेडीएस को हराकर 5 अधिक सीट जीत ली ।

अपनी हार को स्वीकार करते हुए कॉग्रेस की तरफ से बयान आया कि मतदाताओं ने “दोषियों को स्वीकार किया”, जनता के फैसला स्वीकार है। जिसके बाद कांग्रेस पार्टी के दो शीर्ष नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है और उम्मीद है कि कुछ और नेताओ का इस्तीफा आएगा।

बीजेपी के कर्नाटक उपचुनाव जीतने से लेकर, कांग्रेस का इस्तीफा, जानिए 10 पॉइंट्स

आइये आपको बताते है कर्नाटक से जुडी हुयी मुख्या 10 बातें:

1. दो नेताओ ने दिया इस्तीफा

दिनेश गुंडू राव ने कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख के रूप में पद छोड़ दिया और सिद्धारमैया ने कांग्रेस विधायक दल के नेता के रूप में पद से इस्तेफ़ा दिया क्योंकि पार्टी ने अपनी 12 सीटों में से केवल दो सीटों पर ही जीत दर्ज कर पायी है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपने इस्तीफे के बाद सिद्धरमैया ने कहा, “मैं अपनी हार स्वीकार करता हूँ, और लोकतंत्र का सम्मान करता हूँ।”

2. कांग्रेस के डीके शिवकुमार ने मानी हार

कर्नाटक कांग्रेस के नेता डीके शिवकुमार ने कहा, “15 निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं के जनादेश का सम्मान करते है। लोगों ने दोषियों को स्वीकार कर किया है लेकिन हमने अपनी हार स्वीकार की है।

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3. 15 में से 12 पहले 12 कांग्रेस के पास थी

जिन 15 सीटों पर उप-चुनाव हुए हैं उनमें से 12 सीटें पहले कांग्रेस के पास थी और बाकी तीन सीटें जेडीएस के पास थीं।

4. बीजेपी ने 13 विधायकों के साथ लड़ा चुनाव

भाजपा ने 13 विधायकों के साथ चुनाव लड़ा, जिन्हें मुख्यमंत्री ने “भविष्य के मंत्री” बताया। जिनमे से आज 11 विधायकों ने जीत हासिल की जबकि कांग्रेस को दो और जेडीएस अपना खाता भी नहीं खोल पायी।

5. येदियुरप्पा के लिए चुनौती

मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की अगली चुनौती यह है कि भाजपा के भीतर नाराजगी को देखते हुए उन्हें चुनाव पूर्व वादे को पूरा करना होगा।

6. कांग्रेस-जेडीएस को मंत्री पद

“हमने सभी कांग्रेस-जेडीएस विधायकों को आश्वासन दिया था कि उन्हें मंत्री बनाया जाएगा। इसलिए हमने जो उनसे वादा किया था, उससे पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है। हम उन्हें मंत्री बनाएंगे और उन्हें अपना पार्टी बेस बढ़ाने की ज़िम्मेदारी देंगे,” येदियुरप्पा ने कहा।

7. जेडीएस के गढ़ में बीजेपी की जीत

बीजेपी की सबसे बड़ी जीत रही जेडीएस के गढ़ कृष्णराजपेटे में रही, वहां से बीजेपी पहले कभी नहीं जीती थी। जेडीएस के बागी नेता ने जीत दर्ज की, पहली बार भाजपा ने उनको सीट दी थी।

8. प्रधानमंत्री का सन्देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कर्नाटक उपचुनाव परिणाम “सभी राज्यों” के लिए एक संदेश है कि लोग उन लोगों को सजा जरूर दे जनता के जनादेश के खिलाफ गए । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज झारखंड की एक रैली में कहा, “कांग्रेस ने जनता के साथ धोका किया था। आज कर्नाटक के लोगों ने इसे सबक सिखाया है।” उन्होंने कहा कि आज के चुनावों से पता चलता है कि “लोगों को भरोसा है कि भाजपा ऐसी सरकार दे सकती है जो देश का विकास करेगी।”

9. जेडीएस-कांग्रेस ने लड़ा अलग अलग चुनाव

इस बार चुनाव में पूर्व सहयोगी पार्टिया कांग्रेस और जेडीएस ने अलग-अलग चुनाव लड़ा। उनके गठबंधन के टूटने के बाद दोनों पार्टियों के बीच संबंध कभी अच्छे नहीं रहे।

10. अयोग्य विधायकों को सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव लड़ने दिया

बीते जुलाई में अध्यक्ष केआर रमेश कुमार ने कुछ विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया था और 2023 तक चुनावों पर रोक लगा दी थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनके अयोग्यता का समर्थन किया – और सदस्यों को चुनाव लड़ने की अनुमति दे दी थी।

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