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नागरिकता संशोधन बिल 125 वोटो से हुआ पास, विपक्ष से पड़े सिर्फ इतने वोट

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नागरिकता संशोधन बिल 125 वोटो से हुआ पास, विपक्ष से पड़े सिर्फ इतने वोट

राज्यसभा ने आज नागरिकता संशोधन बिल CAB के पक्ष में 125 के वोटो के साथ पास किया गया जबकि इस विधेयक के खिलाफ 105 वोट पड़े थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष और पूर्वोत्तर के कई समूहों और देश के अन्य हिस्सों में जबरदस्त विरोध के बीच राजयसभा सदन में दोपहर को विधेयक पेश किया था।

नागरिकता संशोधन बिल 125 वोटो से हुआ पास

आपको बता दे यह बिल जो पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक उत्पीड़न की वजह से  भाग रहे हिंदू, ईसाई, सिख, बौद्ध और जोरास्ट्रियन समुदायों के शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने की बात करता है, लगभग छह घंटे चले सत्र के बाद सोमवार रात 9 दिसंबर को लोकसभा में बहुमत के साथ पास किया गया था। लोकसभा में, विधेयक के पक्ष में  311 सांसदों ने मतदान किया और 80 सांसदों ने इसके विरुद्ध मतदान किया था।

कांग्रेस नेता ने लगाया आरोप

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने बुधवार को भाजपा पर आरोप लगते हुए कहा कि वह देश को धर्म के आधार पर बांटने की कोशिश कर रही है। आजाद, जो राज्यसभा में विपक्ष के नेता भी हैं: उन्होंने कहा: “राज्यसभा में लगभग 13 समान विचारधारा वाले दल हैं ..मैं उनसे मिला हूं और वे सभी इस बिल के खिलाफ मतदान करेंगे।” आजाद ने टिप्पणी करते हुए कहा कि भाजपा सरकार गिरती अर्थव्यवस्था और मूल्य वृद्धि के मुद्दों के बारे में चिंताओं को दूर करने की जगह केवल राष्ट्र को विभाजित करने की कोशिश कर रही है।

आपको बता दे राज्यसभा में कुल 240 सांसद हैं,इसलिए भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को विधेयक को पास करने के लिए सिर्फ 121 सांसदों के समर्थन की जरूरत है। चूंकि भाजपा के 83 राज्यसभा सांसद हैं, इसलिए उसे 38 और सांसदों के समर्थन की जरुरत होगी।

देश भर में जबरदस्त प्रदर्शन

तो वहीं उत्तर पूर्व में, मंगलवार को बहुत बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए क्योंकि विभिन्न जनजातीय समूहों और युवा संगठनों ने नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए हाथ मिलाया। त्रिपुरा में भी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प के दौरान चार पुलिसकर्मी और कुछ प्रदर्शनकारी घायल हो गए।

त्रिपुरा सरकार ने सोमवार को पूरे राज्य में इंटरनेट और सोशल मीडिया सेवाओं को 48 घंटे के लिए बाधित करने का आदेश दिया। इसके अलावा असम में भी बड़ी मात्रा में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए, जहां गुवाहाटी में सचिवालय और विधानसभा भवनों के पास प्रदर्शनकारी सुरक्षा बलों से भिड़ गए।

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