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फेयरवेल डिनर के बीच में ही पीएम मोदी ने जनरल बिपिन रावत को दे डाली ये बड़ी जिम्मेदारी

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फेयरवेल डिनर के बीच में ही पीएम मोदी ने जनरल बिपिन रावत को दे डाली ये बड़ी जिम्मेदारी

साल 2019 के अंतिम दिन 31 दिसंबर को जनरल बिपिन रावत सेना प्रमुख के पद से रिटायर हो गये हैं. रिटायर होने की खबर सुनने के बाद लोगों ने उन्हें और उनके कामों को याद करते हुए धन्यवाद दिया. जनरल बिपिन रावत के सेना प्रमुख रहते हुए भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक जैसे महत्वपूर्ण मिशन तक को अंजाम दिया था. आज रिटायर होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें एक नई जिम्मेदारी दे डाली.

फेयरवेल डिनर के बीच में ही पीएम मोदी ने जनरल बिपिन रावत को दे डाली ये बड़ी जिम्मेदारी

सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी ने सेना प्रमुख रावत को नई जिम्मेदारी सौंपते हुए चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ में नियुक्त किया है. अब वो देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ(CDS) होंगे. रावत के सेना प्रमुख के पद से रिटायर होने के बाद जनरल मनोज मुकुंद नरवाणे भारतीय सेना के 28वें सेना प्रमुख बन गए हैं.

फेयरवेल डिनर के बीच में ही पीएम मोदी ने जनरल बिपिन रावत को दे डाली ये बड़ी जिम्मेदारी

जनरल बिपिन रावत के CDS बनने को लेकर सरकारी सूत्रों का कहना है कि पीएम मोदी ने रावत को लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास पर फेयरवेल डिनर दिया था. डिनर चल ही रहा था कि इसी बीच पीएम मोदी ने जनरल बिपिन रावत को उन्हें देश के पहले सीडीएस नियुक्त किए जाने की जानकारी दी थी. जनरल बिपिन रावत को प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि आप देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ होंगे. आपको बता दें कि पीएम द्वारा दिए गये इस फेयरवेल डिनर में कैबिनेट के वरिष्ठ सदस्य और सशस्त्र बलों के अधिकारी मौजूद थे.

फेयरवेल डिनर के बीच में ही पीएम मोदी ने जनरल बिपिन रावत को दे डाली ये बड़ी जिम्मेदारी

बता दें कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति द्वारा मंजूरी दिए जाने के बाद रक्षा मंत्रालय ने सोमवार रात करीब 9 बजे जनरल रावत की सीडीएस के रूप में नियुक्ति कर दी. केंद्र सरकार ने सोमवार रात जनरल रावत को सीडीएस नियुक्त करने की घोषणा की थी.

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याद दिला दें कि जनरल बिपिन रावत 31 मार्च, 2023 तक सीडीएस रहेंगे. जनरल रावत 16 दिसंबर, 1978 को 11 गोरखा रायफल्स की पांचवीं बटालियन में नियुक्त हुए थे और 1 जनवरी, 2017 से देश की थल सेना के प्रमुख हैं. रक्षा मंत्रालय ने रविवार को थल सेना, नौसेना और वायुसेना के नियमों में संशोधन किया था. संशोधन के बाद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ 65 साल की उम्र तक अपनी सेवाएं देगा. पूर्व के नियमों के अनुसार तीनों सेनाओं के प्रमुख 62 साल की आयु तक या तीन साल के लिए पद पर रह सकते थे.

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