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अयोध्या मामले के आर्डर को चैलेंज नहीं करेंगे, मुस्लिम बॉडी चीफ के वकीलों ने कहा

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अयोध्या मामले के आर्डर को चैलेंज नहीं करेंगे, मुस्लिम बॉडी चीफ के वकीलों ने कहा

जहाँ एक तरफ उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के वकील ने दावा किया कि वह अपने “समिधानिक अधिकार” के मद्देनजर अयोध्या के फैसले की समीक्षा करेगा, तो इसके कुछ घंटो बाद ही मुस्लिम बॉडी चीफ के प्रमुख ने साफ़ तौर पर स्पष्ट कर दिया है की वो ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे।

मुस्लिम बॉडी चीफ

सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जफर अहमद फारूकी ने कहा, “हम मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हैं। बोर्ड के पास इसे चुनौती देने की कोई बात दिमाग में नहीं है।” “फैसले का पूरी तरह से अध्ययन किया जा रहा है, फैसले को पढ़ने के बाद ही बोर्ड इस पर कोई बयान जारी करेगा।”

सुन्नी वक्फ बोर्ड राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में मुख्य याचिकाओं में से एक था।

इससे पहले शनिवार को, भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने फैसला दिया था कि अयोध्या में विवादित भूमि को मंदिर बनाने के लिए सरकार द्वारा संचालित ट्रस्ट को दिया जाना चाहिए। यह स्वीकार करते हुए कि 1992 में बाबरी मस्जिद को दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं द्वारा अवैध रूप से ध्वस्त कर दिया गया था, सरकार को एक नई मस्जिद के निर्माण के लिए कहीं और पांच एकड़ “उपयुक्त” जमीन आवंटित करने का भी निर्देश दिया।

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अदालत ने बाबरी मस्जिद की पूर्व संरचना के पुरातात्विक रिसर्च का हवाला देते हुए कहा कि वहाँ मंदिर बनाने की अनुमति दी गई है।

जफरयाब जिलानी ने फैसले को अनुचित बताते हुए प्रतिक्रिया दी थी कि, “सभी भूमि को दूसरे पक्ष को सौंपना अनुचित है। हम सुप्रीम अदालत का सम्मान करते हैं, लेकिन हमें फैसले से असहमत होने का पूरा अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले भी कई मामलों में अपने फैसले बदले हैं। हमारे पास समीक्षा मांगने का अधिकार है।”, फैसले में कई “विरोधाभास” थे।

मुस्लिम बॉडी चीफ

हालांकि, जफर अहमद फारूकी ने अपना दावा ठुकराते हुए कहा। “अगर किसी वकील या किसी अन्य व्यक्ति ने कहा कि फैसले को बोर्ड द्वारा चुनौती दी जाएगी, तो इसे सही नहीं माना जाना चाहिए.” बाद में जिलानी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव के रूप में प्रतिक्रिया व्यक्त की थी न कि वक्फ बोर्ड के एक वकील के रूप में।

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