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असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में नागरिकता बिल को फाड़ दिया, किसने क्या कहा जाने..

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असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में नागरिकता बिल को फाड़ दिया, किसने क्या कहा जाने..

नागरिकता बिल, जिसमें पाकिस्तान, बांग्लादेश, और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न से बचने वाले गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने की बात कही गयी है. भारी हंगामे के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में इस बिल को पेश किया। अलग-अलग राज्यों में पार्टियां विरोध प्रदर्शन करती है। बीजेपी ने 9-11 दिसंबर तक संसद में मौजूद रहने के लिए अपने सभी सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है।

असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में नागरिकता बिल को फाड़ दिया

आपको बता दे नागरिकता संशोधन बिल का उद्देश्य छह दशक पुराने नागरिकता अधिनियम में संशोधन करना और बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करना है। जैसी कि उम्मीद थी, कांग्रेस सदन में इसके खिलाफ प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही है क्योंकि पार्टी का मानना ​​है कि यह भारतीय संविधान, धर्मनिरपेक्ष, संस्कृति और सभ्यता का उल्लंघन है।

एनसीपी की सुप्रिया सुले ने असहमति जताई

एनसीपी की सुप्रिया सुले ने नागरिकता संशोधन विधेयक, 2019 को लोकसभा में कहा, “हमारे लोकतंत्र का पूरा लोकाचार समानता है और अनुच्छेद 14 और 15 के बारे में बात कर रही हूं, मैं गृह मंत्री द्वारा पारित इस बिल से आश्वस्त नहीं हूं, यह सुप्रीम कोर्ट में खत्म हो जाएगा। । मैं उनसे अनुरोध करती हूं कि वह इस पर पुनर्विचार करें और कृपया बिल वापस लें। ”

टीएमसी के अभिषेक बनर्जी ने किया बिल का विरोध

नागरिकता बिल का विरोध करते हुए, टीएमसी के अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा में कहा, “स्वामी विवेकानंद को अगर यह बिल अगर दिखाया गया होता तो उन्हें बहुत धक्का लगेगा क्योंकि यह उनके भारत के विचार के खिलाफ है। उन्होंने कहा भाजपा के भारत का विचार विभाजनकारी है। अगर हम इसे नज़रअंदाज़ कर दें तो यह देश के लिए विनाशकारी होगा।” हमे महात्मा गांधी के शब्द और सरदार पटेल की सलाह पर ध्यान ध्यान देना चाहिए। ”

जेडीयू के राजीव रंजन सिंह ने किया नागरिकता बिल का समर्थन

जेडीयू के राजीव रंजन सिंह लोकसभा में कहते हैं, “हम इस बिल का समर्थन करते हैं। इस बिल को भारतीय नागरिकों, बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक दोनों की रोशनी में नहीं देखा जाना चाहिए। अगर पाकिस्तान के सताए हुए अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता दी जाती है, तो यह अच्छी बात है। हमे इसका समर्थन करना चाहिए.

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