मिल गया चंद्रयान2, भारतीयों ने लिया पाकिस्तान को आड़े हाथों

मिल गया चंद्रयान2, भारतीयों ने लिया पाकिस्तान को आड़े हाथों

जैसा कि आप सभी को मालूम है, भारत 47 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद अपना विक्रम लैंडर चन्द्रमा की कक्षा में पहुंचाने में सफल हो गया था. लेकिन जब वो अपनी सॉफ्ट लैंडिंग से महज 2.1 किलोमीटर की दूरी पर था. तब ISRO का अपने Vikram Lander से संपर्क टूट गया था. लेकिन इसके बावजूद उन्होंने इस बात पर निराशा ना जताते हुए कहा था कि “संपर्क टूटा है लेकिन हौसला नहीं”. पाकिस्तान में बैठे ट्विट्टेरत्तियों ने इसे भारत का फ़ैल मिशन कहते हुए काफी कुछ कह डाला था. जिसके जवाब में भारत ने भी उनको मुंह तोड़ जवाब दिया था.

Vikram Lander found

आपको जानकार ख़ुशी होगी कि आज ISRO अपने महत्वपूर्ण मिशन Chandrayaan2 से संपर्क साधने में सफल हो सकता है. उन्होंने सूचना देते हुए कहा है कि ऑर्बिटर ने Vikram Lander की तस्वीर भेजी है. जिसके बाद से इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि भारत का Vikram Lander जल्द ही संपर्क में होगा और अपना मिशन पूरा करने में कामयाब भी होगा.

#VikramLanderfound

ISRO के चीफ के सिवान ने इस बात की और इशारा कर दिया है कि भारत चन्द्रमा पर पहुँचने वाला दुनिया का चौथा देश होगा.

Vikram Lander

इस सूचना के मिलने के बाद भारत के हर नागरिक के चेहरे पर ख़ुशी का ठिकाना नहीं हैं. वहीँ पाकिस्तान इस खबर के आने के बाद से परेशान हो उठा है. भारत ने पाकिस्तान की नापाक हरकत को ट्विटर पर एक बार फिर चलाते हुए उसे उसकी असली जगह दिखा दी है. आइये देखते हैं कि भारत के ट्विटर ट्रॉल्स ने पाकिस्तान को कैसे जवाब दिए हैं….

twitter trolls pakistan

भारत ने पूरी मेहनत और जोश से अपने मिशन चंद्रयान2 पर 95% सफलता हासिल कर ही ली है. ऐसा करने वाला भारत पहला देश है जिसने अपने पहले ही प्रयास में ऑर्बिटर को सफलतापूर्वक चन्द्रमा के दक्षिणी छोर पर पहुँचाया.

Vikram Lander

आप खुद सोच सकते हैं कि पाकिस्तान को लगातार भारतीय किस हद तक ट्रोल कर रहे हैं. या यूँ कहो कि अपना गुस्सा निकाल रहे हैं.

नोट:- हम प्रार्थना करते हैं कि भारत का मिशन Chandrayaan2 जल्द पूरा हो और भारत दुनिया में अपने स्वर्णिम इतिहास की छाप छोड़े. जय हिन्द

चंद्रयान 2 लैंडर मिल गया और चन्द्रमा की सतह पर है – इसरो प्रमुख ने बताया

चंद्रयान 2 लैंडर मिल गया और चन्द्रमा की सतह पर है – इसरो प्रमुख ने बताया

न्यूज एजेंसी पीटीआई ने इसरो प्रमुख के मिस्टर सिवन के हवाले से बताया कि चंद्रयान 2 चंद्र लैंडर विक्रम चंद्रमा की सतह पर पहुंच गया है और ग्राउंड स्टेशन संपर्क स्थापित करने के लिए प्रयास कर रहा है। आपको बता दे कि इसरो ने शनिवार सुबह चंद्रयान 2 अंतरिक्ष यान के तीन घटकों में से एक विक्रम के साथ संपर्क खो दिया था, जिस समय लैंडर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास एक ऐतिहासिक लैंडिंग का प्रयास कर रहा था। चंद्रमा की सतह से मात्र 2.1 किलोमीटर की दूरी पर लैंडर से संपर्क टूट गया था ।

“जी हां, हमने लैंडर को चंद्र सतह पर खोज लिया है। यह एक हार्ड-लैंडिंग रहा होगा, तभी लैंडर इस तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और यह साफ़ दिखाई देता है ” श्री सिवन ने कहा।

ऑर्बिटर ने लैंडर की तस्वीर ली

समाचार एजेंसी ANI ने श्री सिवन के हवाले से कहा है कि चंद्र ऑर्बिटर ने लैंडर की एक तस्वीर ली थी। जिससे हमे उसके चन्द्रमा कि सतह पर पहुंचने का पता चला. “ऑर्बिटर ने लैंडर की एक थर्मल छवि पर क्लिक किया है। लेकिन अभी तक कोई संपर्क नहीं हो पाया है। हम संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। और उम्मीद है कि बहुत ही जल्द संपर्क कर लिया जायेगा,” उन्होंने कहा.

चंद्रयान 2 लैंडर मिल गया और चन्द्रमा की सतह पर है - इसरो प्रमुख ने बताया

भारत ने अंतरिक्ष में इतिहास बनाने की उम्मीद की थी। 1,000 करोड़ का चंद्रयान 2 मिशन। चंद्रमा की सतह पर एक सफल लैंडिंग ने देश को चौथा – संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस और चीन के बाद उपलब्धि हासिल करने वाला बनाया।

इसके साथ ही भारत को पहले प्रयास में दक्षिणी ध्रुव के पास एक नरम लैंडिंग पूरा करने वाला पहला देश भी बनाया ।

शनिवार को राष्ट्रीय प्रसारक दूरदर्शन को दिए एक बयान में, श्री सिवन ने संचार के नुकसान के लिए ऑपरेशन के अंतिम चरण के दोषपूर्ण निष्पादन को दोषी ठहराया था।

“ऑपरेशन का आखिरी हिस्सा सही तरीके से निष्पादित नहीं किया गया था। यह उस चरण में था कि हमने लैंडर के साथ लिंक खो दिया था, और बाद में संपर्क स्थापित नहीं कर सका,” उन्होंने कहा।

इसरो प्रमुख ने पहले कहा था कि नरम लैंडिंग के अंतिम मिनट सबसे मुश्किल थे, उन्हें “15 मिनट का आतंक” कहा गया।

“यह एक बहुत ही जटिल प्रक्रिया है और यह हमारे लिए नई है। यह उन लोगों के लिए भी एक जटिल प्रक्रिया है, जो पहले ही कर चुके हैं। हम ऐसा पहली बार कर रहे हैं, इसलिए यह हमारे लिए पंद्रह मिनट का आतंक होगा।” ऐसा उन्होंने कहा था

विक्रम और चंद्र रोवर प्रज्ञान, जो लैंडर के अंदर रखे जाते हैं, को एक चंद्र दिवस (14 पृथ्वी दिनों के बराबर) के लिए संचालित करने और सतह और उप-सतह प्रयोगों की एक श्रृंखला के लिए निर्धारित किया गया था।

चंद्रयान 2 लैंडर मिल गया और चन्द्रमा की सतह पर है - इसरो प्रमुख ने बताया

चंद्रयान 2 का ऑर्बिटर चंद्रमा की परिक्रमा करने वाला चंद्र कक्ष अब सात साल तक चालू रहने और चंद्रमा के विकास की समझ में मदद करने, इसके खनिजों और ध्रुवीय क्षेत्रों में पानी के अणुओं की मैपिंग में सहायता करेगा।

चंद्रयान 2 को 22 जुलाई को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से जीएसएलवी मार्क III रॉकेट की पीठ पर लॉन्च किया गया था – यह अब तक का इसरो का सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली मिशन था। मिशन को 15 जुलाई को लॉन्च किया जाना था, लेकिन कुछ तकनीकी खराबी का पता चलने के बाद इसे एक घंटे से भी कम समय के लिए छोड़ दिया गया था।

आपको बता दे कि 20 अगस्त को अंतरिक्ष यान को सफलतापूर्वक चंद्र कक्षा में डाला गया और सोमवार को दोपहर 1.15 बजे विक्रम ऑर्बिटर से अलग हो गया, जो चंद्रमा के चारों ओर एक अवरोही कक्षा में प्रवेश कर गया।